# गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM !

जैसा की आप को पता होगा कि 1945 से 1991 के दोर को हम सभी शीत युद्ध के नाम से जानते है अगर आपको गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM का अगर मतलब जानने की कोशिश करे तो गुट माने तो एक समूह ,निरपेक्ष का मतलब होता है किसी भी समूह या गुट मे शामिल नहीं होना| सीधे -सीधे कहे तो गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM का मतलब है की किसी भी गुट मे शामिल नहीं होना|

#गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM की जरूरत किसको थी और क्यू ?

जैसा की मे आपको पहले पता चुका हूँ की 1945 से 1991 के दोर को हम सभी शीत युद्ध के नाम से जानते है अगर आपको शीत युद्ध के बारे मे और जानकारी चाहिए तो

भारत देश को ब्रिटिश सरकार से आजादी मिलते -मिलते 15 अगस्त 1947 आ गया था|1948 को भारत का परोसी देश श्री -लंका को भी आजादी मिल गई थी और ऐसा माना जाता है की 1960 तक भारत समेत पूरी दुनिया के लगभग सभी देश आजाद को चुके थे |

हम कहे सकते है की परिस्थिति कुछ इस प्रकार की रही होंगे की जो देश आजाद हो रहे थे वो एक नए बच्चे की तरह है अब उन बच्चे के सामने दो सस्ते है इतना तो आपको पता ही होगा ऐसी मे आशा करता हूँ |

Non-Aligned Movement

एक पूंजीवाद (अमेरिका ) दूसरी ओर साम्यवाद ( सोवियत संघ ) पूरी दुनिया मे दो ऐसी व्यवस्था थी जिसके द्वारा जो देश आजाद हुए थे वो देश अपने देश का विकास करने के लिए उन देशों को किसी एक व्यवस्था मे शामिल होना ही पड़ेगा | आप की इस बात का उत्तर दिजिए अगर आपकी मदद करने वाले दो इंसान है अगर आप एक इंसान से मदद लेते हो तो दुसरा इंसान के लिए आप शत्रु बन जयोगे| क्यूंकि वो दोनों इंसानों की बनती ही नहीं है तभी तो दोनों एक दूसरे के खिलाफ़ खडे है |अब ऐसी परिस्थिति मे क्या किया जाए!

तो जब नए देशों के सामने कुछ ऐसी परिस्थिति थी तो भारत समेत कुछ देशों ने इस परिस्थिति  से बाहर निकने का सस्ता सोचा की नए देश अपना और अपने देश का विकास भी कर ले और दोनों महाशक्तियों को बुरा भी ना लगे|

1945 के बाद पूरे विश्व मे दो विचारधारों  पूंजीवाद (अमेरिका ) दूसरी ओर साम्यवाद ( सोवियत संघ ) से अलग नई नीति को देश अपनाने लगे | गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM के सदस्यों राष्ट्रों को “तीसरी दुनिया के देशों “के नाम से भी जाना जाता है |

5 राष्ट्रों का गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM जैसी नीति को पूरी दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया था जिसमे हमारा भारत देश भी शामिल था| हम बोल सकते है कि गुट-निरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM जैसी नीति के संस्थापक देशों मे शामिल था| जैसे की भारत देश एक जुगारु देश है भारत एक जुगारु देश है इस पर हमे गर्व करना चाहिए |

Non-Aligned Movement

1) भारत         –      प० जवाहर लाल नेहरू
2) मिस्र           –     गमाल अब्दुल नासिर
3) यूगोस्लाविया –    जोसिप बरोज़ टीटो
4) इंडोनेशिया   –     डॉ सुकर्णो
5) घाना           –     बामे एन्क्रूमा

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति डॉ सुकर्णो 1955 मे एक सम्मेलन आयोजित किया अफ्रीका और एशिया के 29 देशों ने बांडुंग सम्मेलन किया और  पहला शिखर सम्मेलन वर्ष 1961 में बेलग्रेड (यूगोस्लाविया) में आयोजित किया गया था 25 देशों के साथ | आज के समय 120+  गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM के सदस्य देश है | 

 

मैं आशा करता हूँ आपको गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) NAM के बारे मे यह जानकारी जानकर अच्छा लगा होगा |

@Roy Akash (pkj)  

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By Roy Akash (pkj)

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