संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के विभिन्न अंगो का वर्णन करें?- Describe the various organs of the United Nations (UNO) in Hindi?

संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के विभिन्न अंगो का वर्णन करें?

 # संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के विभिन्न अंगो का वर्णन करें?

संयुक्त राष्ट्र संगठन (United Nations Organization) (UNO) एक ऐसी  संस्था है जो लगभग पूरे देश को एक ही मंच पर ला कर खड़ा किया है | संयुक्त राष्ट्र संगठन  (UNO) का मतलब ही यही है की दुनिया भर के राष्ट्रों/देशों (Nations) को एक ऐसा मंच मिल जाए  कि सभी देश अपनी – अपनी बात बता सके या दूसरों को बात समझ सके|

अमेरिका के राष्ट्रपति  फ्रेंकलिन डी रुजवेल्ट ने पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के दोरान 1942 संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) की घोषणा की थी | 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना हो गई थी|


#संयुक्त राष्ट्र संगठन  (UNO) के मुख्य 6 अंग है |

1) महासभा (आम सभा) :-      

महासभा में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  के सभी सदस्य राष्ट्र भाग लेते है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) में लगभग 193 सदस्य राष्ट्र है । महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की मुख्य विचार- विमर्श तथा निर्धारण और प्रतिनिधि अंग है। महासभा की हर साल बैठक सितमबर के महीने में होती है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  की महासभा में 1 अध्यक्ष तथा 18 उपाध्यक्ष होते है। महासभा का मुख्यालय न्यूयॉक में है। 

* महासभा के कार्य – 

I) शांति और सुरक्षा आदि मुद्दों के कार्यों पर विचार करना। 
II) संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) का बजट पास करना। 
III) संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के अन्य अंगों का चुनाव करना। 
IV) संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) महासचिव का चुनाव करना। 

2)  सुरक्षा परिषद :-      

 संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) का  सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है सुरक्षा परिषद को तथा यह संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की कार्यपालिका है। अन्तराष्ट्रीय सुरक्षा और शांति के रखरखाब के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  चार्टर के तहत सुरक्षा परिषद की पहली जिम्मेदारी है। 

सुरक्षा परिषद में सदस्य संख्या 15 है। जिसमे से 5 सदस्य देश (फ्रांस ,रूस ,अमेरिका ,ब्रिटेन तथा चीन) जिनके पास वीटो पावर है यह  स्थायी व 10 सदस्य देश अस्थायी होते है जो हर जो साल में बदलते रहेते है। भारत अब तक 8 बार सुरक्षा परिषद के अस्थायी रहे चुका है। 

* सुरक्षा परिषद के कार्य – 

I) विश्व शांति बनाए  रखना । 
II) अंतर्राष्ट्रीयन्यायलय के जजो की नियुक्ति करना। 
III) आवश्यकता होने पर किसी भी देश के विरुद्ध शांति का प्रयोग करना। 

3) आर्थिक व सामाजिक परिषद :-   

  संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की  आर्थिक व सामाजिक परिषद की सदस्य संख्या 54 है। सभी सदस्य देश महासभा द्वारा चुने जाते है। इस अंग का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। आर्थिक व सामाजिक परिषद की 1/3 सदस्य देश प्रति वर्ष चुने जाते है। सभी सदस्य देशों को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक ,शिक्षा और स्वास्थ्य आदि मामलों पर विचार करना। 

4) न्यास परिषद :-   

 न्यास परिषद उन प्रदेशो के शासन की देखभाल करती थी जिन्हे संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने अन्य देशों के सरंक्षण में रखा है परंतु अब संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के इस परिषद कोई विशेष महत्व नहीं रह गया है जब से 1994 के बाद पलाओ जो एक द्वीप देश बन गया था। 

5) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय :-    

   संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की मुख्य न्यायिक इकाई है। जिसमे 15 न्यायधीश होते है जिन्हे महासभा और सुरक्षा परिषद के द्वारा चुना जाता है।  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयके न्यायधीशो का कार्यकाल 9 वर्षों तक होता है।  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयका मुख्य कार्य विवादों को सुलझाना  होता है। 

 भारत के अब तक 4 न्यायधीश  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयका हिस्सा रहा चुके है। दलबीर सिंह भण्डारी वर्तमान में  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयका हिस्सा है। सभी सदस्य देश अपने विवाद  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयमें ला सकते है।  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालयका मुख्यालय हेग (हॉलैंड) में है।  

6) सचिवालय :-   

संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  की बैठक सचिवालय में होती है। सचिवालय महासचिव के अधिन कार्य करता है। सचिवालय का मुख्यालय न्यूयॉक में है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  की बैठकों के लिए समग्री का प्रबंद करना। प्रशासीनिक अंगों और अभिकरणों के मदद करना। आकड़ों तथा सूचना का संग्रह। 

#निष्कर्ष  

निष्कर्ष की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) विश्व स्तरीय संस्था है जो विश्व के लगभग सभी देशों को एक ऐसा मंच दिया है जो विश्व शांति के लिए काफी कारगल है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  के बाद अभी तक विश्व को कोई भयनकर युद्ध नहीं देखने को मिला है क्यूंकि संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  विश्व शांति को बनाए रखे है। वीटो पावर की संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)  की एक नकारात्मक छवि को दिखाता है। 

@Roy Akash (pkj) 

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