Abbasid revolution

#  अब्बासी क्रान्ति से आपका क्या तात्पर्य हैं ?

अरब के एक स्थान मक्का से पैगम्बर मुहम्मद  साहब के द्वारा 612 ई .  में  शुरू किया गया एक नए धर्म  को जिसे हम आज इस्लाम धर्म के नाम से जानते है। इस धर्म में भी काफी ज्यादा उतार -चराव देखने को मिलते है। पैगम्बर मुहम्मद के मृत्यु के बाद से देखा जा सकता है।

पैगम्बर मुहम्मद  साहब  के जरिए इस्लाम धर्म  शुरुआत की गई थी। 632  में   पैगम्बर मुहम्मद के मृत्यु के बाद इस्लाम धर्म की डोर जिसने संभाली उन्हें खलीफा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है की 632 से लेकर 661 के काल को इस्लाम धर्म में खलीफायो का कार्यकाल कहा जाता है। 661 से लेकर 750 तक जिसने इस्लाम धर्म को आगे चलाया उसे हम उम्मयद वंश के नाम से जानते है।

इस्लाम धर्म के कुछ सच्चे मुसलमानों का मानना था की जो उम्मयद वंश है वो गैर-मुसलमान है जो इस्लाम धर्म को खराब कर रहे है तो ऐसा माना जाता है की अब्बासी , पैगम्बर मुहम्मद  साहब के चाचा के वंशज  थे। 750 में एक “दावा” नामक एक आंदोलन द्वारा अब्बासियों ने उम्मयद शासन को बुरा व दुष्ट बताया और  उम्मयद वंश को  खत्म कर दिया जाएगा। वे पैगम्बर मुहम्मद के जो मूल इस्लाम थे उन्हें फिर से स्थापना करेंगे।

अब्बासियों का विद्रोह खुरासान के बहुत दूर क्षेत्र में शुरु हुआ। और खुरासान में अरब एवं ईरानियों की मिली जुली जनसंख्या थी। इसी कारण एवं ईरानियों को जमा व इकट्ठा कर दिया गया। यहां अब्बासी जो पैगम्बर मुहम्मद के चाचा जो अब्बास के वंश थे। और अब्बासी खलीफा कहने लगे।

अब्बासी शासन के सम्मिलित या अंतर्गत अरब के प्रभावों में कमी आई जबकि ईरानी संस्कृति का महत्व व भाव बढ़ गया। और अब्बासियो  ने अपनी राजधानी बगदाद में स्थापित कर ली।अब्बासी शासकों ने ख़िलाफत की धार्मिक व मजहबी स्थिति और कार्यों को मजबूत बनाया और इस्लामी भाव और शिक्षित को संरक्षण या आश्रय प्रदान किया।

Abbasid revolution

# निष्कर्ष

9वी सदी  में ऐसा माना जाने लगा की इस्लाम धर्म कमजोर पड़ने लगा था। इस्लाम धर्म का कमजोर पड़ने का  मुख्य कारण शिया और सुन्नी का इस्लाम धर्म में  दो भागों विभाजित हो जाना था। आज भी हम मुसलमानों में शिया और सुन्नी दोनों को देखने को मिल जाता है।  अंत में 945 में बुवाही वंश आए। जो  बुवाही वंश शिया थे और बगदाद कब्ज़ा कर अब्बसियों की सत्ता खत्म कर दि गई। 

@Roy Akash (pkj)  &  @Monica 

By Roy Akash (pkj)

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