उद्देश्य -प्रस्ताव क्या था ? भारत के संविधान में उद्देश्य -प्रस्ताव की क्या भूमिका रही? What was the Preamble ? What was the role of the Preamble in the Constitution of India in Hindi.

Preamble

 #  उद्देश्य -प्रस्ताव क्या था? भारत के संविधान में उद्देश्य -प्रस्ताव की क्या भूमिका रही?

 पहले हम उद्देश्य -प्रस्ताव कर इतिहास कि बात करते है | जैसा हम जानते है की भारत का एक लिखित संविधान है | भारत का संविधान कैबिनेट मिशन प्रस्ताव द्वारा गठित  किया गया था और संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान तैयार किया गया था| 

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई थी| संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे और तीसरी बैठक 13 दिसम्बर 1946 जवाहर लाल नहेरु द्वारा उद्देश्य -प्रस्ताव को लाया गया था| जवाहर लाल नहेरु  के  उद्देश्य -प्रस्ताव को संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को लागू या पारित किया गया था|  

अगर सरल भाषा मे प्रस्तावना को भारत के संविधान के बहुत रूप मे देखा जा सकता है जैसे कि :-

1) भारत का लघु संविधन ( short constitution )

2) भारत के संविधान का सार (summary)

3) भारत के संविधान का आधार ( basic of constitution )

4) भारत के संविधान का सूचकांक ( Index of Indian constitution )

भारत के संविधान कि प्रस्तावना/उद्देशिका (PREAMBLE) कि भाषा ऑस्ट्रेलिया(Australia) 

भारत के संविधान कि प्रस्तावना/उद्देशिका (PREAMBLE) कि प्रारूप(Format) अमेरिका(USA)

Preamble

 # उद्देश्य -प्रस्ताव में संविधान सभा ने निश्चय किया कि –

1) भारत को पूर्णतया स्वतंत्र प्रभुत्वसम्पन्न गणराज्य होगा और अपने संविधान का निर्माण करेगा |


2) भारतीय संघ और उसके अंतर्गत विविध राज्यों में समस्त राजशक्ति का मूलस्त्रोत जनता होगी |


3) भारत के सभी निवासियों को न्याय ,सामाजिक ,आर्थिक ,राजनीतिक पद ,अवसर तथा कानूनों की समता ,विचार , भाषण व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होगी |

4) अल्पसंख्यक वर्गों ,पिछड़ी  जातियों के हित की रक्षा की समुचित व्यवस्था की जाएगी |

5) भारत के राज्य क्षेत्र की अखंडता को स्थिर रखा जाएगा| जिससे कि यह प्राचीन देश विश्व में अपना उचित और सम्मानपूर्ण स्थान प्राप्त करें तथा शांति को प्रोत्साहन और मनुष्यमात्र के कल्याण में अपना स्वेच्छापूर्वक योगदान दे सके| 

6) गणराज्य की क्षेत्रिय अखंडता तथा थल ,जल और आकाश में इसके संप्रभु अधिकार की रक्षा सभ्य राष्ट्रों के कानून और न्याय के अनुसार की जाएगी |

जैसा की हम जानते है भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है| उद्देश्य -प्रस्ताव को संविधान की तीसरी बैठक 13 दिसम्बर 1946 को प्रस्ताव रखा गया था और आज उद्देश्य -प्रस्ताव को हम भारत के संविधान कि प्रस्तावना/उद्देशिका (PREAMBLE)  रूप  में जानते है|    

@Roy Akash (pkj) 

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