मौलिक कर्तव्यों पर निबंध हिंदी उद्धरण और उदाहरण के साथ?-Essay on fundamental duties with quotes and examples in Hindi?

Essay on fundamental duties with quotes and examples in Hindi?

# quotes और उदाहरणों के साथ मौलिक कर्तव्यों पर निबंध, Essay on fundamental duties with quotes and examples in Hindi?, नागरिकों के मूल कर्तव्य क्या हैं? maulik kartavyon par nibandh?,Essay on fundamental duties should not be taught in school

 भारतीय संविधान में पहले मौलिक कर्तव्य नहीं जैसी कोई चीज नहीं थी। भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य को 1976 में भारतीय संविधान में जोड़ा गया था। विश्व का सबसे पहले देश जापान था जिसने अपने संविधान में मौलिक कर्तव्य या मूल कर्तव्य को जोड़ा था लेकिन भारत ने मौलिक कर्तव्य का प्रावधान जापान देश से ना लेकर सोवियत संघ (वर्तमान में जिसे हम रूस के नाम से जानते है) से लिए है। 

भारतीय संविधान जब  26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। जब भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य नहीं थे परंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति द्वारा भारतीय संविधान में 42th  भारतीय संविधान संशोधन द्वारा 1976 में 10 मौलिक कर्तव्य को भारतीय संविधान में जोड़ा गया। सरदार स्वर्ण सिंह समिति द्वारा एक सुझाव दिया गया कि मौलिक कर्तव्य को मानना जरूरी किया जाना चाहिए जो नहीं मौलिक कर्तव्य को मानेगा उसे न्यायलय द्वारा सजा का प्रावधान होना जरूरी होना चाहिए ।

परंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति द्वारा एक सुझाव को नहीं माना गया। भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य वर्मा समिति द्वारा लागू किया गया था। वर्तमान समय में भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य है। भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य को 86th भारतीय संविधान संशोधन द्वारा 2002 में भारतीय संविधान में जोड़ा गया। 

मौलिक कर्तव्य एक ऐसे कर्तव्य है की आपको भारत के नागरिक होने के नाते आपको यह 11  मौलिक कर्तव्य का पालन करना होगा अगर नहीं  मौलिक कर्तव्य का पालन करते तो आपके ऊपर कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती। 4  मौलिक कर्तव्य पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है ।

# 11 मौलिक कर्तव्य कौन-कौन से हैं-

1) प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओ, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें। 

2) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को दिल में संजोए रखे और उनका पालन करें। 

3) भारत की प्रभुता , एकता और अखंडता की रक्षा करें। 

4) देश की रक्षा करें। 

5) भारत के सभी लोगों में समसस्ता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें। 

6) हमारी सामाजिक सांस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व व समझे और उसका परीक्षण करें। 

7) प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसका संवर्धन करें। 

8) वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञानाजंन की भावना का विकास करें। 

9) सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें। 

10) व्यक्तिगत एवं सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की और बढ़ने का सतत प्रयास करें। 

11) माता पिता या संसक्षक द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना। (भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य को 86th भारतीय संविधान संशोधन द्वारा 2002 में भारतीय संविधान में जोड़ा गया।)

मौलिक कर्तव्य पर निबंध

भारतीय संविधान में वर्तमान समय में जो 11 मौलिक कर्तव्य है उनमें से केवल 4  मौलिक कर्तव्य को न्यायालय सजा सुना सकता है। भारतीय संविधान के केवल 4  मौलिक कर्तव्य पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। वो  मौलिक कर्तव्य है quote नंबर -1 , quote नंबर- 7, quote नंबर- 9 और आखिरी quote नंबर- 11 के  मौलिक कर्तव्य पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

मौलिक कर्तव्य को भारतीय संविधान में केवल बताया गया है कि अगर आप भारतीय नागरिक को तो आपको यह  मौलिक कर्तव्य आपको करने होंगे पर अगर आप मौलिक कर्तव्य नहीं करते हो तो आप पर कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती परंतु 4  मौलिक कर्तव्य को छोड़कर।

# निष्कर्ष 

अगर हम  मौलिक कर्तव्य के निष्कर्ष की बात करे तो हमे पता चलेगा की भारतीय संविधान 1950 के समय real वाले भारतीय संविधान में  मौलिक कर्तव्य नहीं थे पर जब भारत के नेतायो को  मौलिक कर्तव्य का अभाव महसूस होने लगा तो सरदार स्वर्ण सिंह समिति द्वारा भारतीय संविधान में 42th  भारतीय संविधान संशोधन द्वारा 1976 में 10 मौलिक कर्तव्य को भारतीय संविधान में जोड़ा गया। साथ ही 2002 में 86th संशोधन द्वारा 11वे मौलिक कर्तव्य को भारतीय संविधान में जोड़ा गया। 

@Roy Akash (pkj)

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