भारतीय संविधान का इतिहास, महत्व, अर्थ और विशेषताएं?-History, Importance, Meaning, and Features of the Indian Constitution?

भारतीय संविधान का इतिहास, महत्व, अर्थ और विशेषताएं?

# संविधान क्या है? भारतीय संविधान की रचना,Bhartiya samvidhan ka Itihas mahatva aur Arth

भारतीय संविधान ब्रिटिश सरकार के केबिनेट मिशन प्रस्ताव के आधार पर भारतीय संविधान सभा की शुरुआत की गई थी। भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 में हुई थी। भारतीय संविधान सभा के कुछ मुख्य रूप से समितियाँ थी। उन सभी समितियों में से सबसे महत्वपूर्ण समिति प्रारूप समिति थी जिसे हम मसौदा समिति के नाम से भी जानते है। इस महत्वपूर्ण समिति के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अम्बेडकर जी थे। मसौदा समिति का कार्य भारतीय संविधान को लिखना था।

भारतीय संविधान सभा द्वारा , भारतीय संविधन 26 नवम्बर 1949 को बन कर तैयार हो गया था लेकिन किसी कारण से भारतीय संविधान 26 नवम्बर 1949 नहीं लागू हो सका। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को लागू किया गया।

भारतीय संविधान की निम्न परिभाषाएँ हो सकती है-

*  संविधान किसी भी देश का नियमों के  दस्तावेज़ होता है।

* संविधान एक ऐसा नियमों का दस्तावेज़ होता है जिसके द्वारा कि भी देश में शासन किया जा सकता है।

* संविधान लिखित या अलिखित एक ऐसी किताब होती है जिसके द्वारा देश  में काम होता है ।

* संविधान नियमों, कानूनों और सिद्धांतों का समूह है, किसके द्वारा किसी राज्य की सरकार शासन करती है।

# संविधान और भारत!

डॉ भीम राव अम्बेडकर, जिन्हें भारतीय संविधान का पिता भी कहा जाता है।  डॉ भीम राव अम्बेडकर जी ने ही कहा था की  “संवैधानिक उपचारों का अधिकार” को  “संविधान का ह्रदय और आत्मा” की संज्ञा दि है। अगर डॉ भीम राव अम्बेडकर जी नहीं होते तो पता नहीं भारत का संविधान  कैसा होता! डॉ भीम राव अम्बेडकर जी प्रारूप समिति के अध्ययक्ष थे। प्रारूप समिति भारतीय संविधान सभा की प्रमुख समितियों में से एक थी। प्रारूप समिति कार्य ही भारतीय संविधान को लिखने का था।

भारत का संविधान बनाने के लिए पहले संविधान सभा का गठन किया गया था। भारत में संविधान  सभा का गठन ब्रिटिश सरकार के केबिनेट मिशन प्रस्ताव द्वारा किया गया था।  भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। भारतीय संविधान को बनने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा था।

भारतीय संविधान की पहली बेठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई थी संविधान सभा के अस्थायी  अध्ययक्ष “डॉ सच्चिदानंद सिन्हा” थे और 11 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा के स्थायी अध्ययक्ष  डॉ राजेन्द्र प्रसाद बने जो की भारत के पहले राष्टपति (president) बने थे ।

भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 में बनकर तैयार हो गया था पर 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को लागू किया गया था ।

भारत जब ब्रिटिश सरकार की एक कॉलोनी हुआ करता था ऐसे में भारत के प्रभावी लोगों ने भारत के लिए एक अपना संविधान की बात की थी।  भारत के प्रभावी लोगों का भी मानना था की भारतीय संविधान बनाना कोई छोटी बात नहीं है बल्कि एक बहुत बड़ा कदम है।   ऐसे में भारत के संविधान की जिम्मेदारी  डॉ भीम राव अम्बेडकर जी ने ली तथा भारत का एक लिखित संविधान बना कर दिया जो विश्व का एक सबसे बड़ा लिखित संविधान के रूप में हम जानते है।

# निष्कर्ष

संविधान किसी भी देश के शासन की रीढ होता है।  भारत देश के अंदर हम संविधान दिवस 26 जनवरी को मानते थे पर डॉ भीम राव अम्बेडकर जी की 125th वी जयंती पर भारत सरकार द्वारा 26 नवम्बर वर्तमान समय में सविधान दिवस मानते है। 2015 से भारत देश में 26 नवम्बर संविधान दिवस मानते है। भारत सरकार ने ऐसा एसलिए किया क्योंकि संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 में भारतीय संविधान तैयार हो गया था।  

भारतीय संविधान में संविधान संशोधन की प्रक्रिया की गई है इसके द्वारा जरूरत पढ़ने पर भारतीय संविधान में कुछ परिवर्तन किए जा सके। क्यूंकि परिवर्तन इस दुनिया का नियम है इसलिए कोई भी चीज एक दम सही नहीं हो सकती है। तभी भारतीय संविधान में अध्याय XX में संविधान संशोधन की प्रक्रिया का उल्लेख है। 

@Roy Akash (pkj)

 

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