आसियान (ASEAN)

आसियान (ASEAN)

आसियान (ASEAN) दूसरे विश्व युद्ध से पहले और उसके दौरान ऐशिया का यह हिस्सा बार-बार यूरोपीय और जापानी उपनिवेशवाद का शिकार हुआ हैं।और भारी राजनैतिक और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी थी। पिछड़ेपन और गरीबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था और शीतयुद्ध के दौर में किसी एक महाशक्ति के साथ जाने के दबावों को भी झेलना पड़ा था। टकराव और भागमभाग की ऐसी स्थिति को दक्षिण पूर्व एशिया संभालने की स्थिति में नहीं था।

1967 में इस क्षेत्र के पांच देशो ने बैंकॉक घोषणा पर हस्ताक्षर करके आसियान स्थापना की थीं। आसियान का उदेशय मुख्य रुप से आर्थिक विकास को तेज़ करना पडां और उसके माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना था।

#आसियान (ASEAN)की स्थापना

ASEAN का पूरा नाम दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का संघ है। एसोसिएशन आफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (Association of South-East Asian Nations)
आसियान (ASEAN)की स्थापना बैंकॉक में एक संधि पर हस्ताक्षर करके 8 अगस्त 1967 को औपचारिक रूप से की गई थी। आसियान (ASEAN)के पांच संस्थापक देश थे इंडोनेशिया, मलेशिय, फिलिपींस ,सिंगापुर और थाईलैंड पूर्व या वर्तमान में इसकी सदस्य संख्या 10 है।

2003 तक आसियान के सदस्य देशों ने कर्ई समझौते किए जिनके द्वारा हर सदस्य देंश मे शांति,निष्पक्षता सहयोग अ अहस्तक्षेप को बढ़ावा देने और राष्ट्रो के आपसी अंतर तथा संप्रभुत्ता के अधिकारों का सम्मान करने पर अपनी वचन बंधता जाहिर की थीं। आसियान के देशौं की सुरक्षा और विदेश नीतियों मे तालमेल बनाने के लिए 1994 में आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) परिसंपति पुननिर्माण निधि की स्थापना की गई थीं।
आसियान में निवेश श्रम और सेवाओं के मामले मे (FTA)मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने पर भी ध्यान दिया गया।आसियान तेज़ी से बढ़ता हुआ एक महतवपूर्ण क्षेत्रीय संगठन हैं।

आसियान (ASEAN)का केंद्रीय मुख्यालय जकार्ता इंडोनेशिया में है और इसका अध्यक्ष महासचिव होता है। इसका वर्तमान महासचिव लिम जैक होई (lim jack hoi) है। महासचिव का पद 2 वर्ष के लिए प्रत्येक देश को दिया जाता है।
आसियान (ASEAN)के झंडे में प्रतीक चिन्ह के रूप में धान की 10 बालियां बनी है और इन के ऊपर एक वृत्त है जो आज शाम की एकता का प्रतीक है।

आसियान (ASEAN)का पहला शिखर सम्मेलन 1976 में बाली इंडोनेशिया में आयोजित किया गया था। 34 वा मार्च/अप्रैल 2019 में तथा 35 वा अक्टूबर/नवम्बर 2019 थाईलैंड में राजनैतिक संकट के कारण यह सम्मेलन दो चरणों में आयोजित हुआ। लेकिन निर्धारित होना शेष है। इस प्रकार एक प्रभावी संगठन है।

आसियान (ASEAN

#आसियान (ASEAN)के उद्देश्य

1) आपसी सहयोग से शांति व सुरक्षा स्थापित करना।


2) इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी लाना।


3) सदस्य राष्ट्रों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाना।


4)UNO के दायरे में रहकर कानून के शासन एवं स्थायित्व को बढ़ावा देने।


5) साझे हितो, परीक्षण, शोध, सुविधाओ, कृषि, व्यापार तथा उद्योग के क्षेत्र में परस्पर सहयोग कायम रखना।


6) अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ लाभप्रद संबंध कायम करना।


7) सामाजिक और सांस्कृतिक विकास प्राप्त करना।

#आसियान (ASEAN)शैली

आसियान (ASEAN)सदस्यों के अनौपचारिक और सहयोग पूर्ण कामकाज की शैली को आसियान (ASEAN)शैली कहा जाता है। इसके कार्य का केंद्र राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना है। आसियान (ASEAN)का मोटो (motto)- “one vision one identity one community” (“एक दृष्टि, एक पहचान, एक समुदाय”) है।

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#आसियान (ASEAN)की उपलब्धियां -aashiyan ki uplabdhiyan

1) यह मूल रूप से आर्थिक संगठन है। इसी आर्थिक विकास की गति काफी तेज है जिसमें इनके प्रभाव में वृद्धि हो रही है।


2) आसियान (ASEAN)शैली द्वारा इस संगठन के टकराव सहित सहयोगात्मक मेल मिलाप की नीति से संघर्ष को कम करने में महत्व भूमिका निभाई है।


3) आसियान (ASEAN)विजन 2020 मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इसकी बहिमुरखी भूमिका को मुख्यता दी। पूर्वी तिमोर तथा कंबोडिया का संकट बातचीत की नीति द्वारा समाप्त किया।


4) आसियान (ASEAN)ने निवेश ,श्रम और सेवाओं के मामलों में मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने पर भी ध्यान दिया।


5) लेकिन भारत और चीन जैसे तेज़ी से विकसित होने वाले एशियाई देशों के साथ व्यापार और निवेश के मामले में उसके आकर्षक बना दिए गए हैं। लेकिन भारत ने अपनी निती सुधारने कोशिश की (भारत मे दो आसियान सदस्य) मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड के साथ मुक्त व्यापार का समझौता किए गए हैं।2010 मे आसियान भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र व्यवस्था लागू हुई थीं।


6) आसियान (ASEAN) हर सदस्य देश में शांति, निष्पक्षता, सहयोग अहस्तक्षेप को बढ़ावा देने और राष्टो के आपसी अंतर तथा संप्रभुता के अधिकारों का सम्मान करने में भी सफल रहा है।

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#निष्कर्ष

इस प्रकार आशा नियंत्रण सकारात्मक रूप से बढ़ रहा है। इसकी अगली ताकत अपने सदस्य देशों सौभाग्य और बाकी गैर क्षेत्रीय संगठनों के बीच नियंत्रण विचार करने की नीति है। आसियान (ASEAN)का मेन उद्देश्य अपने राष्ट्रों के बीच में आर्थिक शक्ति को बढ़ावा देना वह अपनी अपनी आर्थिक शक्ति को और भी ज्यादा मजबूत करने का उद्देश्य से आसियान (ASEAN)की स्थापना आसियान (ASEAN)के सदस्य देशों द्वारा की गई थी।

@Roy Akash (pkj) & Monica

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By Roy Akash (pkj)

POL KA JAADU My Name is Roy Akash (pkj) admin of this www.polkajaadu.com Blog website.

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